Rachana Sharira MCQ Set – 13
#1. सही जोड़ी मिलाये – मर्म एवं प्रकार । 1) सिमत 2) फणा 3) श्रृंगाटक 4) मणिबंध >> a) सद्यप्राणहर b) कालान्तर c) वैकल्यकर d) रुजाकर
#2. ब्रीहि प्रमाण त्वचा में होनेवाला व्याधि है।
#3. Wrist joint is a
#4. मांसावयवसंघात परस्परविभक्त’ यह………से संबंधित है ?
#5. ………संवृत्ताअन्यत्र बलवन्ति भवन्त्य:’ इसका वर्णन किया है
#6. ‘परिहर्तव्या शस्त्रेणका वर्णन किया है।
#7. हस्त’ का कर्म है।
#8. अधरगुद’. भाव से उत्पन्न अवयव है।
#9. ……. पञ्चमे । वाग्भट
#10. सुश्रुत के नुसार मुत्रवह स्रोतस का मूलस्थान होता है।
#11. मर्म का पोषण किससे होता है?
#12. ‘सर्ववहा’ विशेषण है।
#13. Physiological hernia normally disappears by
#14. Exocrine secretion of pancreas is
#15. सर्वभूतों का कारण होता है। (सु. शा. 1/3)
#16. सुश्रुत एवं वाग्भट के अनुसार क्रमशः सिरामर्म होते है।
#17. Is the climbing muscle of body
#18. एक अस्थिमर्म जो प्राणहर है ।
#19. It is called as abdominal tonsil
#20. Angle of inclination decreases in the
#21. How many permanent mucosal folds or Houstan’s valves are present in rectum.
#22. ग्रहाम्बुदरजोधुमनिहारैरसमावृततम दृष्टांत होता है ।
#23. Implantation occurs at the stage of
#24. Boundaries of ovarian fossa are-
#25. Ethmoid bone is the bone of
#26. Lateral border of scarpa’s triangle is form by
#27. गर्भ के कृष्णशाम वर्ण में कारण महाभुत है।
#28. द्वारम् आभाशयस्य चै । …. अवयव है।
#29. ‘शंखनाभ्याकृती स्त्रावर्ता’ इसका वर्णन है।
#30. Strongest muscle of the body is
#31. The safety muscle of tongue is
#32. मेदोयत स्वाग्निना पक्कं वायुना यति शोषितम् । तद्… संज्ञा लभते ।
#33. रुजाकर मर्म, सद्यप्राणहर मर्म क्रमशः होते है ।
#34. गर्भिणी कार्य आपद्यते । इस मास का लक्षण होता है।
#35. Needle prick of scrotum causes contraction due
#36. तासु तासु योनिषुत्पत्ति आयु’ यह इस भाव का कर्म है ।
#37. सृग्दर व्याधि चिकित्सा इस व्याधि के समान करे।
#38. Is the longest terminal branch of sciatic nerve
#39. Dangerous area of the eye is
#40. …… यद् पुरीष अवतिष्ठते । चक्रपाणि
#41. IXtt cranial nerve is in nature.
#42. पायु’ के अधिदैवत है । ( सुश्रुत ) |
#43. Ossification of the fetal skeleton begins in the
#44. शव रंजनार्थ उपयोगी द्रव्य है ।
#45. प्रकृति विकार में सामान्य दर्शन से निम्नतः प्रवृत्ति के कारण की उत्पत्ति होती है।
#46. Vitamin-D resistant rickets is an example of
#47. True about morula
#48. आचार्य कृतवीर्यने बुद्धि तथा मन का स्थान माना है । (सु.शा. 3 / 30 )
#49. मूलाधार चक्र में दल होते हैं।
#50. सोमो हि स्थिरत्वाच्छेत्याश्च प्राणावलंबन करोति
#51. Is the largest branch of axillary artery
#52. कण्डरा को कहते है ।
#53. Koplik’s spot is seen in this disease
#54. ब्रीहि पंचभाग प्रमाण में होने वाले त्वचा का व्याधि है।
#55. हृदय यह इस स्त्रोतस का मूल स्थान है।
#56. मध्यकाय गत स्नायु की संख्या होती है।
#57. Anatomical and physiological aspect of genetourinary system are well explained by
#58. ……is hardest part of human body
#59. श्रोत्र’ है।
#60. शुद्ध मांस के स्नेह भाग को कहते है ।
#61. 400 संख्या है।
#62. Find out pair cartilage of larynx
#63. …. मर्म व्यथे सान्द्रमजस्त्रं वह्नसृकस्त्रवेत ।
#64. Scalene tubercle is seen in………
#65. Coronoid process is related with this bone
#66. जंघोर्वी: सन्धाने….. नाम, तत्र खञ्जता ।
#67. सुषिर स्नायु कहा पाये जाते है ?
#68. Ear ossicle resembles with stirrup
#69. …….स्फुटती ।
#70. निम्न में से विशल्यघ्न मर्म कौनसा है ? |
#71. Carpals are the
#72. ब्रह्मरन्ध्र का वर्णन किसने किया है ?
#73. Non mesodermal in origin is
#74. मार्कण्डेयनुसार गर्भ में सर्वप्रथम अंग उत्पन्न होता है।
#75. Which is the shortest branch of the abdominal aorta
#76. रज्जु की उत्पत्ति होती है।
#77. मृत्यु यह लक्षण इस स्त्रोतस के विद्ध होने पर नहीं मिलता है।
#78. इंद्रगोप संकाश’ शुद्ध आर्तव का वर्णन किया है।
#79. गर्भ निर्माण में आकाश महाभुत का कर्म होता है।
#80. Weight of parotid gland is
#81. शार्ङ्गधरानुसार शरीर एवं प्राणवायु वियोग अर्थात् ।
#82. A bone which develops in tendon or joint capsules is called as
#83. वाय्वाम्निदोषाद् वृषणौ नाशं, नपुंसक रहते है।
#84. सक्थिसदनं शुक्रशोणितयोरवबंधना:’ इस स्त्री का लक्षण है।
#85. ….. Sutures devides the two parital bone longitudinaly
#86. Digastric muscles are the following except
#87. This muscle is inserted on gluteal tuberosity of femur
#88. शार्ङ्गधर के अनुसार स्त्री शरीर में रन्ध्र होते है।
#89. गर्भिणीगुरुगात्रत्वमधिकम् आपद्यते। यह इस मास का लक्षण है।
#90. शाखागत अवेध्य सिरा होती है।
#91. संपुर्ण जगत का निर्माण करनेवाला हेतु है ।
#92. शिश्न और इनके मध्य के स्थान पर सीवनी स्थान चक्र रहता है।
#93. … Gland’s secretion gives milky appearnace to semen
#94. न्चरात्रानुबन्धी शुद्ध आर्तव माना है ।
#95. पंचविंशतत्वात्मक पुरुष आचार्यने माना ।
#96. बीजात् समांशादुपतप्तबीजात् स्त्रीपुंसलिंगी भवति ।
#97. निद्रानाश में इस जाति के मांस सेवन का निर्देश है।
#98. तालुप्रदेश में अस्थियाँ होती है। (सु.शा. 5/21 )
#99. सर्वसन्धि में आश्रित रहनेवाली कला है ।
#100. डल्हणानुसार कालीयक है।
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