Kriya Sharira MCQ Set – 3
#1. सन्धिस्फोटन’ इस धातु क्षय का लक्षण है। (सु.सु. 6/89)
#2. . पाराशर के अनुसार आहार रस से मांसधातु की उत्पत्ति इस दिन होती है।
#3. Daily requirement of Nicotinic acid in young adult
#4. निम्न में से बात दोष का कर्म है।
#5. Major Percentage of glomerular filtrate is absorbed in
#6. Iron-deficiency anemia is characterized by
#7. Function of endoplasmic reticulum of cell is
#8. Person possesser A agglutinogen and beta agglutinin having
#9. तन्द्रा की चिकित्सा करनी चाहिए।
#10. चरतो विश्वरुपस्य रूप द्रव्यं तद् उच्यते’ इसके संबंध में कहा गया है।
#11. मषक व्याधि त्वचा के इस स्तर में होता है।
#12. P wave denotes……..
#13. Value of desirable cholesterol is
#14. सुश्रुत के अनुसार अस्थिवह स्त्रोतस का मूलस्थान है।
#15. Radiation therapy causes
#16. State of equilibrium is controlled by cranial nerve
#17. पित्तदोष शामक रस है।
#18. Everything inside the cell membrane except neucleus is called as
#19. पुरीष को उपस्तम्भ किसने कहा है ?
#20. …….. . चेत समचायी’ किसके लिए कहा है।
#21. ग्लानि, निद्रा किसका लक्षण है।
#22. मुहुर्मुहुः प्रवृत्ति’ लक्षण इस अवस्था में होता है।
#23. शारंगधर ने इस कफ प्रकार को ‘स्नेहन’ कहा है।
#24. शरीरस्य चलनम् (डल्हण )
#25. उत्साह इसका कर्म है ।
#26. उद्धतां मेधा’ इस धातु सारता का विशेष लक्षण है।
#27. इस रस का सेवन दीर्घकाल प्रयोग से बलकर है।
#28. Proto diastolic phase time duration in cardiac cycle is (Ventricular diastole)
#29. सुश्रुत वर्णित ऋतुकाल यह चरक से इतने दिन से कम है।
#30. आनुप देश में दोषो से संबंधित रोग अधिक होते है।
#31. सुश्रुत नुसार मज्जा व शुक्र धातु का महाभुत अधिक्य है।
#32. Cellular immunity depends on
#33. ष्ठीवण’ इस वायु का कर्म है।
#34. सह्य शुक्रकरं पयं’ इस सामान्य का उदाहरण है।
#35. उपचय यह इस दोष का कर्म है।
#36. संग्रहकार के आहार कल्पना में इसका समावेश नहीं है।
#37. इसके द्वारा शरीर तर्पण, वर्धन, धारण एवं यापन होता है।
#38. Average respiratory exchange ratio (R) Rate of Co, output / Rate of O, intake
#39. This mineral facilate the complete oxidation of carboydrate, protein & fat.
#40. प्राणवायु का कर्म है।
#41. Function of LH is
#42. स्वेद निर्माण प्रक्रिया का वर्णन किस आचार्य ने किया है ?
#43. Secretion of castle’s intrinsic factor is occurs in
#44. काश्यप संहिता में इस धातु सार के आधे वर्णन के बाद इतर सार का वर्णन लुप्त है।
#45. तीक्ष्णामि पुरुष में …. ग्राम में आहार का पचन होता है।
#46. महास्फिक’ सारखा का लक्षण है।
#47. विश्वमित्र पर्याय है।
#48. इस रस को ‘प्ट’ रस कहते हैं ।
#49. हृदय प्रदेशी इस दोष का आधिक्य होता है।
#50. Total filling phase duration in ventricular diastole is.
#51. One of the cause of aplastic anemia is
#52. . विदग्धाजीर्ण के लिए कारणीभूत दोष है।
#53. Yellow colour of stool is due to
#54. प्रकृति तु स्वभाव’ इस आचार्य का अवदान है।
#55. तिमिर व्याधि इस रस के अतिसेवन से होती है।
#56. पित्त व अभि में इस गुण का फरक है।
#57. सिरा, स्नायू, धमनी, स्त्रोतस इस कला के स्थान है।
#58. सुश्रुतनुसार सभी अवस्थायें एक जैसी होने पर मांससार व मेदसार व्यक्ति में से इस की आयु प्रधान (जादा) होती है।
#59. सुश्रुतानुसार हृदयस्थ ओज का वर्ण होता है।
#60. वर्षाशीत आतपप्रवृद्धः ‘ इस पित्त की विशेषता है।
#61. In which condition Neutrophilia occur……..
#62. रुक्षादिगुणोत्कट’ इस महाभूत का गुण है। (अ. हु.)
#63. WBC:RBC ratio is
#64. कफ प्रकृति में उपचित परिपुर्ण गात्र इस गुण के कारण है।
#65. मज्जा’ वातदोष का स्थान है। इस वचन को आचार्य द्वारा मान्यता है ।
#66. देव, पितृ, ऋषि आदि में इस पित्त प्रकार का प्रभाव अधिक होता है। (भेल) ।
#67. अवस्थापाक में पच्यमानाशयान्तर्गत इस दोष की प्रसादभूत स्वरूप उत्पत्ति होती है।.
#68. विशुद्ध चक्र के दल की संख्या है।
#69. पंचमहाभूतों का समुदाय करके शरीर को कहते हैं ।
#70. अभिघात’ से इस खोतस की दुष्टी होती है।
#71. Iron channel is an example of
#72. Metal in vitamin B12 is
#73. उपधातु की विशेषता है।
#74. मनोविबोधन, मनोरथ, मनोधारण कर्मो को 1) प्राणवायु 2) उदान वायु 3) संमानवायु 4 ) साधक पित्त के कर्म को क्रम से लगाये।
#75. सुश्रुत के अनुसार ‘अन्तर्दाह’ लक्षण इस अवस्था में पाया जाता है।
#76. अनवस्थित् स्कन्धपाणिपादा’ लक्षण वातप्रकृति में इस गुण के कारण।
#77. चलते समय संधियों से आवाज आता है।
#78. Rods receptors are sensitive to
#79. सुश्रुत नुसार शुक्रधातु का परिणमन काल है।”
#80. योग्य जोडियाँ लगाए । सारता लक्षण a) शुक्रसार b) अस्थिसार c) सत्वसार d) सर्वसार >> i) महाशिर ii) महोत्साह (iii) महास्वर (iv) महास्फिक
#81. सृष्टमलमूत्र उत्पत्ती में सहायता करनेवाला रस है ।
#82. अग्नि एवं पित्त को इस आचार्य ने अभेद बताया है।
#83. Efferent for erection of penis is
#84. Increase in the intestinal motality is due to which hormone?
#85. उरः कंठ विदहति’ इस रस का लक्षण है।
#86. अम्ल रसात्मक द्रव्य से इस दोष की वृद्धि होती है।
#87. श्रीमद् भ्राजिष्णु’ इस सारता का लक्षण है।
#88. Person having this blood group is more prone for deadenal ulcer.
#89. Following are symptoms and signs of diabetes mellitus EXCEPT
#90. अच्छ पित्त का उदीरण इस अवस्थापाक मे होता है।
#91. Intrinsic factor is present in
#92. अध्व कर्म से यह वायु कुपित होता होता है।
#93. The process of formation of RBC is called as
#94. The cardiac centers are located in the
#95. आहाररस ग्रहणी से हृदय तक ले जाने का कार्य इसके द्वारा होता है। (शारंगधर)
#96. Somatostatin inhibits the secretion of
#97. चिरजीवी इस प्रकृति का लक्षण है।
#98. Physiologically decrease of RBC in Pregnancy due to
#99. Which is the action of the GIP from given below.
#100. Human mitochondria are
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