Kriya Sharira MCQ Set – 8
#1. शार्ङ्गधर के अनुसार नेत्रमल इस धातु का मल है।
#2. These cells are responsible for secretion of acid in kidney
#3. संधिसंश्लेष’ इस का लक्षण है।
#4. Metal in vitamin B12 is
#5. वाग्भटानुसार पित्त के 7 गुण एवं वात के 7 गुणों में से कितने ‘गुण समान है।
#6. शुक्रशोणित संयोग से उत्पन्न दोषों को कहते है।
#7. हृदय प्रदेशी इस दोष का आधिक्य होता है।
#8. श्वसन प्रकिया का सविस्तर वर्णन इस ग्रंथ में किया है।
#9. मेदधातु क्षय का लक्षण है। (सुश्रुत)
#10. Lungs tidal volume is
#11. Macrocytic anemia is caused due to the deficiency of –
#12. वाग्भट नुसार पित्तदोष का मुख्य स्थान है।
#13. विकृत विहारशीलं गुण इस सत्व का है।
#14. Which endocrine gland is attributed with fight or flight functions
#15. इस का समावेश सूक्ष्म स्रोतस मे किया है।
#16. उत्साहभ्रंश’ इस का कर्म है।
#17. भिन्नती शोषित संघात’ इस रस का कर्म है।
#18. Neuromuscular transmiter is
#19. In normal adult, ratio of anatomical to physiological dead space air is
#20. चरकनुसार तृतीय व सुश्रुत नुसार चतुर्थ त्वचा प्रकार मे वर्णित व्याधि है।
#21. VII blood clotting factor is
#22. शारंगधरानुसार मांसधातु का उपधातु है ।
#23. कफ दोष के पाच प्रकार का वर्णन सर्वप्रथम आचार्य ने किया है।
#24. Life span of RBCs is
#25. Largest immunoglobilin in the body is
#26. वसंत ऋतु में इस रस का आधिक्य होता है ।
#27. पिपिलिकामाक्षिणामऽस्कंदि च…… । दुषित रक्त का लक्षण है।
#28. ओज संबंधी असत्य पर्याय है।
#29. Decrease in total WBC is termed as
#30. पित्तवृद्धि का लक्षण है ।
#31. ष्ठीवण’ इस वायु का कर्म है।
#32. अतिनिद्रा से कफवृद्धि होना इस सामान्य का उदाहरण है।
#33. Green colour blindness is called
#34. In which condition Neutrophilia occur……..
#35. प्लीहावृद्धि इस पुरुष में पायी जाती है।
#36. Total number of blood clotting factors are
#37. ककोटक फल स्पर्श से इस गुण का ज्ञान होता है।
#38. Barrington nucleus are located in
#39. ओज को सर्वप्रथम पंचरस कहा है।
#40. ग्लानि, निद्रा किसका लक्षण है।
#41. सुश्रुत के अनुसार रक्तधातु का परिणिती काल है।
#42. Medial geniculate body receivers these fibers
#43. Middle ear contains
#44. आश्रितवत्सल:’ इस प्रकृति का लक्षण है। (वाग्भट)
#45. वर्णस्वरनेत्र विशेष स्नेहो’ इस सारता का लक्षण है।
#46. शीतांशु’ जैसा कार्य करनेवाला शरीर का घटक है।
#47. तिमिर व्याधि इस रस के अतिसेवन से होती है।
#48. सुश्रुतानुसार हृदयस्थ ओज का वर्ण होता है।
#49. सुश्रुत के अनुसार विशद गुण इस दोष का है।
#50. ताम्रसमेचकमवत् वर्ग होता है।
#51. Oxytocin causes all, EXCEPT
#52. रंजितास्तेजसा त्वापः शरीरस्थेनं देहिनाम् । अव्यापन्नाः प्रसन्नेन.. .. मित्यभिधीयते ।।
#53. First heart sound
#54. अनवस्थित् स्कन्धपाणिपादा’ लक्षण वातप्रकृति में इस गुण के कारण।
#55. यह पित्त दोष का गुण नहीं है।
#56. शान्तेऽग्री प्रियते, युक्ते चिरं जीवत्यनामयः । संदर्भ है।
#57. इस आचार्य ने उपधातु का वर्णन नहीं किया है।
#58. कफ दोष का काल ।
#59. आचार्य हारित नै प्रकृति का वर्णन किया है।
#60. ओज का हेतु है । (च.चि. 15/3)
#61. आचार्य वाग्भट के नुसार ‘बल’ का अर्थ है।
#62. देवपितृऋषिभ्यश्चं’ वर्णन इस पित्त प्रकार के संबंध में आया है !
#63. आचार्य डल्हण ने त्वक्सार को कहा है।
#64. वायु को पंचात्मा कहा है।
#65. वाणी को इस आचार्य ने स्वयंभू कहा है।
#66. खादिन्यात्मा मनः कालो……… – द्रव्य संग्रह |
#67. 163. बृहत् शरीर इस धातुसारता का वैशिष्ट्य है।
#68. काश्यप नुसार सात्विक एवं राजसिक प्रकतियों की कुल संख्या है।
#69. Vitamin E is the soluble in
#70. परिक्षकैर्बहुविधं परीक्ष्य, हेतुभिश्च साधयित्वा स्थाप्यते निर्णयः । (च.वि./8/37)
#71. A person with a high hemoglobin level is said to have
#72. अस्थिसारता का लक्षण है।
#73. Brunner’s glands are located in
#74. इस अवस्था में उष्ण आहारविहार खाने की इच्छा होती है।
#75. मेदधातु का अंजली प्रमाण है।
#76. शीर्यते अनेन इति…
#77. चित्रिणी नाडी गुण प्रधान होती है।
#78. तंबाखू, मद्य जैसे पदार्थों का दुष्परिणाम ज्ञात होने पर भी उसका सेवन करना इसका उत्तम उदाहरण है ।
#79. आचार्य काप्य ने इस दोष का वर्णन किया है।
#80. ……….. उपस्तंभ वाय्वाप्रिधारण च ।
#81. सर्वागनेत्र गौरव’ किसका लक्षण है।
#82. . द्रव्य भेद से गुण प्रकार है । (च.. शा. 6 / 17 )
#83. सुश्रुतनुसार शुक्रवह स्त्रोतस का स्थान है।
#84. P wave denotes……..
#85. प्रल्हादबंधकृत.. महाभूत प्रधान द्रव्य होते है ।
#86. Organ of corti is found in
#87. समानवायु का स्थान नाभि के 1⁄2 अंगुल बाम बाजु मेंबताया !
#88. वर्णानुसार ओज के 3 भेद 1.क्षौद्र वर्ण । किस आचार्य ने श्वेत वर्ण 2. तैल वर्ण 3. बतलाए है।
#89. गुल्म’ ब्याधि धातु प्रदोषज विकार है।
#90. शीतउष्णक्रमसेवनात् से स्त्रोतोदृष्टी होती है।
#91. सौकुमार्य अनतिबलम्’ इस सारता का लक्षण है।
#92. आयुर्वेदानुसार त्वचा का का परिमाण उपयोगी है। परिणाम मापन के लिए इस धान्य
#93. अणुप्रवणभाव संबंधित है।
#94. अच्छ पित्त का उदीरण इस अवस्थापाक मे होता है।
#95. Pyriodoxine is
#96. उपवेशन है।
#97. कृत्तिका पर्याय है।
#98. Intrinsic factor is present in
#99. आचार्य वाग्भट के नुसार ‘बल’ का अर्थ है।
#100. प्रकृति’ का पर्याय है।
Results



