Kriya Sharira MCQ Set – 7
#1. धातुपोषण न्याय का सर्वप्रथम वर्णन इस आचार्य ने किया ।
#2. श्वसन प्रकिया का सविस्तर वर्णन इस ग्रंथ में किया है।
#3. P wave denotes……..
#4. . Preperation of uterus for pregnancy and breast for laction is the fuction of
#5. निम्नलिखित धातु अत्यंत शुद्ध है।
#6. इस धातु का पर्यायी नाम ‘कौशिक’ है।
#7. शीतगुण के साथ मंदगुण की वृद्धि होने पर शरीर में होता है।
#8. Bile Salt
#9. आयुष्य में संपत्ति एवं भोग्य वस्तू की अनुकुलता होना इसका लक्षण है।
#10. शुक्र का गंध होता है।
#11. व्यथितास्यगति व दुभंग व्यक्ति के लक्षण इस प्रकृति में है ।
#12. वातदोष के क्षय में यह चिकित्सा अत्यधिक उपयुक्त है।
#13. चरक अनुसार शुक्रधातु का मल है।
#14. जृम्भा’ के लिए यह वायु कारक है।
#15. Quantity of gastric juice secreted per day is
#16. मज्जाक्षय का लक्षण है।
#17. उपवेशन है।
#18. योग्य जोडियाँ लगाए । a) कर्णमल b) जिव्हामल c) अक्षिमल d) नासामल >> i) दूषिका (ii) खमल iii) सिंघानक iv) काकुलक
#19. Cell drinking is the synonims of
#20. षड्रस में सबसे ज्यादा उष्ण गुणात्मक रस है ।
#21. The vitamin stored in liver are
#22. … इस में तमोगुण व्याप्त होने पर निद्रा आती है। (भा.प्र.पू. खं. 1 /76)
#23. The valve that prevents backflow of blood into the right atrium is the .
#24. . स्तम्भते…….. ( हेमाद्रि टीका )
#25. निम्न में से गलत ऋतु-रस संबंध चूनिऐ ।
#26. वायु प्रकार संबंधीत प्रकोपक हेतु है। (अ.ह.नि. 16/19) a) गुरुभार वहन b) अध्वगमन. c) अतिगमन d) चंक्रमण >> i) अपान वायु ii) प्राण वायु iii) उदान वायु iv) व्यान वायु
#27. उपधातु की विशेषता है।
#28. सन्धिविश्लेष’ कर्म इसमें समाविष्ट नहीं रहता है।
#29. मूत्रक्षय में इस रसात्मक द्रव्य देने का विधान है। (च.शा. 6)
#30. मनशिला का समावेश इस स्कंद मे होता है।
#31. रंजितास्तेजसा त्वापः शरीरस्थेनं देहिनाम् । अव्यापन्नाः प्रसन्नेन.. .. मित्यभिधीयते ।।
#32. इन्द्रियों के अर्थ को धारण करता है ।
#33. सुचि’ के कुल प्रकार है।
#34. Which is the action of the GIP from given below.
#35. चेतनाधातुरप्येकः स्मृतः पुरुषसंज्ञकः । सूत्र इस ग्रंथकार का है।
#36. अतिनिद्रा से कफवृद्धि होना इस सामान्य का उदाहरण है।
#37. कुल तेरा अग्रियों में जाठराशि है ।
#38. Lifespan of platelets are
#39. आकाशसम’ इस देश की विशेषता है।
#40. प्लीहावृद्धि का लक्षण है।
#41. नाडी परीक्षा नामक ग्रंथ के रचयिता है।
#42. अस्थिधातु का कर्म है।
#43. इस आचार्य ने क्लोम को फुफ्फुस माना है।
#44. अग्न्याशय में अग्रि का प्रमाण है।
#45. रक्तवृद्धी का लक्षण है।
#46. विहरण’ इस कर्मेन्द्रिय का कार्य है। (सुश्रुत )
#47. .. सुश्रुतानुसार कफ का मुख्य स्थान है।
#48. अतिबल’ इस धातुसार का लक्षण है।
#49. All of the following are examples of anti-coagulants EXCEPT
#50. मन की रजतम से युक्त अवस्था है।
#51. उष्णेन युक्ता रूक्षाद्या.. कुर्वन्ति सायम् (अ.हृ.सू. 12/19)
#52. Vomitting centre is located in
#53. चरकानुसार नित्यग है।
#54. मोह, प्रलाप यह ओज के इस अवस्था में उत्पन्न लक्षण है।
#55. सबसे गंभीरतम् धातु है ।
#56. अभिघात’ से इस खोतस की दुष्टी होती है।
#57. अम्ल अवस्थापक से ग्रहणी में उत्पन्न हुए पित्तको कहते हैं।
#58. आचार्य इंदू के नुसार समानवायु का स्थान है।
#59. अंशांश कल्पना के अनुसार भौतिक प्रकृति संख्या है।
#60. नेत्राङ्ग गौरव’ लक्षण है।
#61. धवल वर्ण है। (अष्टांग संग्रह )
#62. सुश्रुत नुसार मज्जा व शुक्र धातु का महाभुत अधिक्य है।
#63. Person having this blood group is more prone for deadenal ulcer.
#64. Normal coronary blood flow is
#65. शरीरस्य चलनम् (डल्हण )
#66. निम्न में पंचमहाभूत एवं रस का सहि विकल्प चुनिए ।
#67. इस आचार्य ने अनुकत्व का वर्णन नऊ भागों में किया है।
#68. In the following type of cell division, the number of chromosomes is halved.
#69. अणुप्रवणभाव संबंधित है।
#70. रुक्षादिगुणोत्कट’ इस महाभूत का गुण है। (अ. हु.)
#71. Antigens are presents on the surface of
#72. मां…..च
#73. वाणी को इस आचार्य ने स्वयंभू कहा है।
#74. It is the structural and functional unit of muscle fibre
#75. चरकाचार्य ने क्षय 18 प्रकारों का वर्णन इस अध्याय में किया है।
#76. रक्तक्षय से होने वाले वातवृद्धि का शमन करने के ….. रस सेवन करने कि इच्छा होती है। (अ.हृ.) लिए…
#77. तावुभावपि संश्रित्य वायुः पालयति प्रजा संदर्भ
#78. संधिसंश्लेष’ इस का लक्षण है।
#79. Which are the conditions responsible to cause lymphocytosis.
#80. यह द्रव्यधातु का मल है।
#81. दोषों से दूषित होनेवाले धातु, मल इस घटक को कहते है ।
#82. This mineral facilate the complete oxidation of carboydrate, protein & fat.
#83. ……..are the sites of protein synthesis in cells
#84. Everything inside cell membrane is known as
#85. Renal calculi are common in
#86. Daily insensible water loss from the skin is
#87. षटुक्रियाकाल का वर्णन किया है।
#88. चरकनुसार रसधातु से शुक्रधातु निर्माणार्थं काल लगता है।
#89. Antineuritic factor is the
#90. मयूर सम नाडी की गति होती है ?
#91. आचार्य डल्हण ने त्वक्सार को कहा है।
#92. Duration of 1st Heart sound is…
#93. सह्य शुक्रकरं पयं’ इस सामान्य का उदाहरण है।
#94. अतिसृष्टम् अतिबद्धम्’ इस स्त्रोतोदृष्टी के लक्षण है।
#95. अवधुतो अग्नि’ इस का कार्य है।
#96. दोष अवस्था में अल्पनिद्रा लक्षण उत्पन्न होता है।
#97. दोषगति संबंधी गट में न बैठनेवाला हेतु पुनिये।
#98. यह कफ प्रकार सर्व सन्धियों को अनुग्रह करता है।
#99. क्लेदक कफ यह……..कर्म के माध्यम से स्वशक्ति से उर्वरित श्लेष्मस्थानों का अनुग्रह करता है।
#100. गुल्म’ ब्याधि धातु प्रदोषज विकार है।
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