PTSR MCQ set – 4
#1. Choose incorrect option about placenta – a. It is discoid in shape b. Thickness is 2.5 c. Weight of 530 gm d. Placenta diameter 8-9 angul
#2. सुश्रुत संहिता में सभी योनिव्यापद में प्रातः काल इस द्रव्य का स्वरसपान कराने का विधान है। (सु.उ. 38 / 30 )
#3. Shape of non pregnant uterus is
#4. बालक को स्त्री स्तन्याभावी…… दे सकते है।
#5. …..चिकित्सार्थ आमगर्भ का उपयोग करना चाहिए।
#6. व्रणवत चिकित्सा…. क्लैब्य में करें।
#7. योनिमंणुद्वारा कुर्यात…. सा । बा.
#8. सप्तम मास में मासानुमासिक चिकित्सा द्रव्य प्रयोग करें।
#9. सुश्रुताचार्यनुसार लांगलीमुल कल्क का हस्तपादतला पर लेप चिकित्सार्थ करते है |
#10. नित्यवेदना योनिव्यापद में पायी जाती है। सुश्रुत
#11. Amniotic fluid is in nature
#12. कलीकलहशील……..|
#13. विमुक्तबन्धनत्वमिव वक्षम: अवस्था है।
#14. शोणितगुल्म पुरुष शारीर में होने का कारण है।
#15. पीनस दूषित स्तन्यपान से होने वाला व्याधि है।
#16. स्तनकीलकं व्याधि की प्रधान व आद्य चिकित्सा है।
#17. Blood loss in 3rd stage of labour is
#18. अष्टहस्त आयतं चतुर्थविस्तृतं अरिष्टागार वर्णन किया है।
#19. नागोदर व्यापद में अस्पंदन लक्षण वर्णन किया ।
#20. या तु शितांगी निरपत्रपां निलोद्धत सिरा । लक्षण है।
#21. Theoretically ideal method of contraceptive is
#22. स्वाभाविक गर्भसंग…. प्रकार से होता है ।
#23. Length female urethra measure about
#24. अकाले वाहमानाया गर्भेण पिहितो अनिल…. योनिव्यापद हेतु है ।
#25. इस गर्भोदक विकृति से प्रसव बाद बालक में ओष्टभंग,पादवक्रता, विकृत यमगर्भ दिखता है।
#26. षष्ठे मासी गर्भस्य…. उपचंय भवति ।
#27. पार्श्वद्वयउन्नतत्कुक्षौ द्रोण्यामिव’ लक्षण है।
#28. योनि में पेशी की संख्या होती है।
#29. स्त्री शरीर में अतिरिक्त पेशियों की संख्या है।
#30. गर्भाधान हेतु आसन प्रयुक्त करे।
#31. भग को स्मरमंदिर कहा है।
#32. पुत्रघ्नी योनिव्यापद दोष प्रधान है। सुश्रुत
#33. सूतिका स्त्री को पटबंधन करने का उद्देश है।.
#34. वाग्भट ने पूर्णवीर्यता आयु वर्णन की है स्त्री पुरुष क्रमश:
#35. गर्भिणी मत्स्य मांस का नित्य सेवन करे तो गर्भ… होता है।
#36. Vacation pills contain the
#37. क्षामप्रसन्नवदना’ इस अवस्था में स्त्री लक्षण
#38. Mechanism of action of the injectable contra. ceptive is
#39. श्वदंष्ट्रासिद्ध यवागु पान गर्भिणी परिचर्या में इस महिने में करना चाहिये ।
#40. प्रदरव्याधि चिकित्सार्थ आखुपुरीषसदुग्ध चिकित्सा निर्देश दिया है।
#41. गर्भोनिर्गमे… प्रवाहण करने का उद्देश किया है।
#42. पुष्यानुग चूर्ण का बाल्हीक द्रव्य याने है।
#43. पुष्यानुग चूर्ण का रोगाधिकार है।
#44. नक्तचारीनी गर्भवती स्त्री में यह गर्भविनाशक भाव निदर्शन में आता है।
#45. गर्भिणी आहाररस कार्य करता है।
#46. Position of breast is between…. ribs
#47. योनिमुख से श्लेष्मस्राव तंन्त्रीवर्ण का होगा तो….जन्म होता है।
#48. नाड़ी पर बीर्यपात हुआ तो पुत्रप्राप्ति होती है।
#49. The uterus become pelvic organ after…. day’s of delivery
#50. तृष्णालु भिन्न विट शिशुः । नित्यमुष्ण शारीरश्च… स्तन्यदोष सेवन का दुष्प्रभाव है।
#51. प्राकृत प्रसव का काल है।
#52. परोपतापिनमार्ण्य स्त्रेण वा, यह परिणाम गर्भविनाशक भाव का है।
#53. वाजीकरण एवं रसायन चिकित्सा इस शुक्रदुष्टि में करते है ।
#54. लोहितक्षरा योनिव्यापद…. आचार्य ने वर्णन किया है।
#55. अव्यापन्न योनि शोणित गर्भाशयम……
#56. आर्तववृद्धि में दोष रहता है।
#57. गोपित्त, मत्स्यपित्त से क्षौमवस्त्र भावित करके चिकित्सा
#58. Skene’s duct is present in
#59. गर्भ…. संशुष्को न उदर पुरयते ।
#60. मातृदोष से उत्पन्न होनेवाली योनि प्रकार है ।
#61. मातुस्तु खलु नाड्यां गर्भनाभि नाडी प्रतिबद्धाः
#62. योनिसंवरण’ व्याधि का वर्णन… ने किया है।
#63. 10 मास तक प्राकृत प्रसव काल बताया है।
#64. स्त्रिणा गर्भाशय…..। सु.शा. 5/8
#65. किंशुकोदक समान स्त्राव…. प्रदर का लक्षण है।
#66. संग्रह के अनुसार ऋतुकाल…. दिन का होता है।
#67. स्त्री कटि में स्थित 8 मर्मों का वर्णन है।
#68. चरकानुसार गर्भाधान काल है।
#69. Tabacco juice colour of amniotic fluid suggests
#70. HCG is found in urine 2 days after missed period is…… test
#71. Blastocyst implant on day
#72. विष्कंभ मूढगर्भ का वर्णन किया है।
#73. अंतफल’ मर्म पर आघात होने से लक्षण निर्माण होते है।
#74. सुतिका स्त्रीस प्रथम 3-5 दिन में अग्निबल का विचार कर मण्ड……साथ में लेना चाहिए।
#75. संग्रहानुसार पुरुष की विवाह योग्य उम्र है ।
#76. Match the following – a) Hegars sign b) Chloasma c) Lighting >> i) 24 wk ii) 38 wks iii) 6-10wk
#77. सुश्रुताचार्यनुसार रक्तज योनिव्यापद की संख्या है।
#78. तक्रारिष्ट इस स्तन्य दोष चिकित्सार्थ प्रयुक्त होता है।
#79. Gossypol is the content of
#80. Ligamentum teres is residue of………
#81. परिवृत्यावाक्रशिरा’ गर्भस्थिति……..कालीन है।
#82. गर्भनिरोधक पिप्पली आदि योग का वर्णन प्रथम…..ने किया ।
#83. पुलाकोदक संकाश स्त्राव -… नपुंसकता का लक्षण है।
#84. Male pills is called as
#85. पृथकपर्ण्यादि सिद्ध बस्ति गर्भिणी को इस माह में देते है।
#86. Hegar’s sign is………….
#87. इस मास तक ‘गर्भस्त्राव’ होता है।
#88. गर्भिणी परिचर्या में कदम्बमाषतैल ने बताया
#89. योनिकंद के प्रकार है।
#90. सुश्रुताचार्य नुसार स्त्री श्रोणि में कुल त्रिक अस्थि है।
#91. ऋतुव्यतीत काल यह दोष प्रधान है।
#92. ……. स्तनयो: तासा यौवने परिवृद्धि । पेशियाँ है ।
#93. माधव निदान नुसार गर्भस्राव….. मास तक होता है।
#94. अम्ल रस सेवन इच्छा इस स्त्री का लक्षण है।
#95. Habitual abortion is common at
#96. व्यंजनवती योनि का लक्षण है।
#97. Weight gain in pregnancy should be
#98. स्त्री शरीराश्रित स्तनमुल यह मर्म प्रकार है।
#99. शुक्र शोणित गर्भाशयवस्था आत्म प्रकृति विकार समूर्च्छित । संदर्भ
#100. गर्भपात का हेतु है ।
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