Kriya Sharira MCQ Set – 2
#1. Known as growth inducer
#2. भावप्रकाश के अनुसार इससे कलानिर्मिती होती है।
#3. Largest fuild compartment in the body is
#4. सन्धिविश्लेष’ कर्म इसमें समाविष्ट नहीं रहता है।
#5. इस आचार्य ने ओज को जीवशोणित कहा है।.
#6. ताम्रसमेचकमवत् वर्ग होता है।
#7. Fat is absorbed maximum in this part of intestine
#8. आचार्य काप्य ने इस दोष का वर्णन किया है।
#9. चरक के नुसार गर्भाशय में सर्वप्रथम उत्पन्न होता है।
#10. मनोअम’ इस वायु के प्रकोप से उत्पन्न होता है ।
#11. मणिपूर चक्र का स्थान है ।
#12. काश्यप संहिता में इस धातु सार के आधे वर्णन के बाद इतर सार का वर्णन लुप्त है।
#13. Total number & chromosomes in somatic cells
#14. Hypoactivity of pituitary gland in childhood responsible for
#15. Milk producing hormone is the
#16. प्रोबद्ध पिण्डिका’ इस प्रकृति का लक्षण है।
#17. सह्य शुक्रकरं पयं’ इस सामान्य का उदाहरण है।
#18. Cells involved in Humoral immunity
#19. शरीर में मांस के उपधातु का अंजली प्रमाण है।
#20. नेत्राङ्ग गौरव’ लक्षण है।
#21. उदके विसर्पवत् प्रशस्तम् । (चक्रपाणि)
#22. प्रायः सर्वदेहगत विकार वायु के प्रकोप से निर्माण होते है।
#23. त्वचा और मांसधातु के बीच में रहने वाला धातु है ।
#24. रसन’ इंद्रिय अधिष्ठान कि देवता है।
#25. शीर्यते अनेन इति………..।
#26. Which of the following hormones is not a glyoprotein?
#27. Match the pair A) Anatomic shunts ii) Anemic hypoxia B) Carbon monoxide poisoning ii) Histotoxic hypoxia C) Cynide poisoning iii) arterial hypoxia
#28. मज्जा’ वातदोष का स्थान है। इस वचन को आचार्य द्वारा मान्यता है ।
#29. Maximum amount of Na+ and Glucose are absorbed in
#30. दोषच्यवणं इस ओज विकृति का लक्षण है।
#31. शारंगधर नुसार कुष्ठ विकार होनेवाले त्वचा प्रकार की जाडी होती है।
#32. आचार्य हेमाद्रि अनुसार ‘अवलंबनम्’ इस धातु का कर्म है।
#33. This objective is used for RBC counting
#34. त्रिदोष’ का समावेश इसमें होता है।
#35. आश्रितवत्सल:’ इस प्रकृति का लक्षण है। (वाग्भट)
#36. पित्तदोष शामक रस है।
#37. कफशोणित निमित्तजी’ से इस अवयव की उत्पत्ति होती है।
#38. भेल के अनुसार बुद्धिवैशेषिक आलोचक पित्त का स्थान होता है ?
#39. देहधारण’ इस धातु का श्रेष्ठ कर्म है ।
#40. मेदधातु का मल है। (शारंगधर)
#41. Normal serum creatine is
#42. काश्यप के नुसार सात्विक, राजसिक एवं तामसिक काय के प्रकार क्रमशः है।
#43. Glomrular Filtration Rate (GFR) per minute is
#44. लोकपुरुष साम्य सिद्धान्त का वर्णन इस आचार्य ने किया है।
#45. इस आचार्य ने मल को ‘आत्मबल’ कहा।
#46. Origin of III & IVth heart sound respectively.
#47. आहारपरिणमन भाव से अन्न में शिथिलता आती है।
#48. वायु को पंचात्मा कहा है।
#49. शिशिर ऋतु में उत्पन्न रस में महाभूत आधिक्य होता है ।
#50. इंद्रगोप का समावेश इस प्रकार में होता है।
#51. तावुभावपि संश्रित्य वायुः पालयति प्रजा संदर्भ
#52. तन्द्रा की चिकित्सा करनी चाहिए।
#53. pH of bile is………..
#54. सुश्रुत नुसार रक्त का वीर्य है।
#55. Megaloblastic anaemia is due to deficiency of
#56. सुश्रुतनुसार बहुवात श्लेष्मायुक्त से कोष्ठप्रकार होता है।
#57. कम्प’ का समावेश इस स्त्रोतोविद्ध लक्षण के अन्तर्गत किया गया है।
#58. इस अवस्था में आध्मान लक्षण पाया जाता है।
#59. Function of LH is
#60. पित्तवृद्धि का लक्षण है ।
#61. सिरा, स्नायू, धमनी, स्त्रोतस इस कला के स्थान है।
#62. Proto diastolic phase time duration in cardiac cycle is (Ventricular diastole)
#63. Pressure of Glomerular capillary is
#64. निम्न में से बात दोष का कर्म है।
#65. Borderline range of cholesterol is…mg/dl
#66. विशुद्ध’ चक्र मे दल की संख्या है।
#67. In normal adult, ratio of anatomical to physiological dead space air is
#68. Brunner’s glands are located in
#69. Milk secretion occurs by mammary gland due to this hormone.
#70. इस व्याधि में तर्पणार्थं स्त्री स्तन्य का उपयोग करते है।
#71. सौकुमार्य अनतिबलम्’ इस सारता का लक्षण है।
#72. अनवस्थित भ्रू’ लक्षण वात प्रकृति में इस गुण के कारण होता है।
#73. Monocyte having
#74. रक्त स्तंभनार्थं श्रेष्ठ उपाय है।
#75. व्यानवायु का स्थान है।
#76. गुरुणाम्… सौहित्यं लघूनां तृप्तिरिष्यते । (सु.सू. /46495)
#77. वाग्भट नुसार पित्तदोष का मुख्य स्थान है।
#78. अल्पशुक्रता’ लक्षण दिखायी देता है।
#79. रोगों के प्रमुख कारणों में इसका समावेश होता है।
#80. खल्बऽपि सप्त भवति धात्वाशयान्तर मर्यादाः | सु.शा. 4 utte
#81. आचार्य अरुणदत्त ने ‘ओजोवृद्धिकर’ कर्म बताया है।
#82. चरक, सुश्रुत व वाग्भट नुसार विशद गुण क्रमशः इस दोषों का है।
#83. गुल्म’ ब्याधि धातु प्रदोषज विकार है।
#84. कफ दोष के पाच प्रकार का वर्णन सर्वप्रथम आचार्य ने किया है।
#85. पिच्छिल गुण के विरुद्ध गुण है !
#86. Mixing waves originate from this part of stomach
#87. Normal dead space air volume is
#88. सुश्रुत संहिता मे अंगुली प्रमाण का वर्णन इस असाध्य में आया है ।
#89. सुश्रुत ने असंदिग्ध स्पर्शज्ञान इस धातु का कर्म बताया है।
#90. गर्भोपनिषद् अनुसार मेदधातु का प्रमाण होता है।
#91. उपचय यह इस दोष का कर्म है।
#92. चक्षु एवं बुद्धि वैशेषिक यह आलोचक पित्त के प्रकार इस संहिता में वर्णित है।
#93. Time period required for one complete cardiae cycle.
#94. Blood cancer is known as ….
#95. The vitamin stored in liver are
#96. नृजल’ का अंजली प्रमाण है।
#97. पुरीषधरा कला स्थित है।
#98. चरक संहिता में अग्रि संबंधी वर्णन अध्याय में किया है।
#99. यथा बिसमृणालानि विवर्धन्ते समन्ततः । भूमौ पंकोदकस्थानि। यह वर्णन इस कला संबंधी है।
#100. Cell drinking is the synonims of
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