Ayurveda Samhita and Nighantu eBooksपर्यायरत्नमाला16 / 31
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पर्यायरत्नमाला

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पर्यायरत्नमाला – संक्षिप्त विवरण (माधवकरकृत)

नाम – पर्यायरत्नमाला
रचयिता – सद्वैद्य श्री माधवकर
काल – लगभग 8वीं–9वीं शताब्दी ईस्वी
प्रकार – संस्कृत पर्याय-संग्रह (Synonym Lexicon)
उद्देश्य – विभिन्न वस्तुओं, वनस्पतियों, औषधियों, देवताओं, प्राकृतिक तत्वों, और अमूर्त अवधारणाओं के लिए समानार्थक शब्दों का संग्रह, ताकि काव्य, शास्त्र और चिकित्सा – सभी में भाषा का सौंदर्य और सटीकता बनी रहे।


संरचना

  • विषयवार वर्गीकरण — देवता, प्राकृतिक तत्व, वनस्पति, औषध, जीव-जंतु, स्थान, अमूर्त अवधारणाएँ

  • प्रत्येक प्रविष्टि में एक मुख्य शब्द और उसके कई पर्याय

  • श्लोकों में रचना, जिससे स्मरण सरल हो


विशेषताएँ

  • स्मरणीय पद्यरूप

  • शास्त्रीय और क्षेत्रीय दोनों प्रकार के पर्याय

  • काव्योपयोगी और चिकित्सोपयोगी शब्दसंपदा का समावेश

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