Ayurveda Samhita and Nighantu eBooksधन्वन्तरिनिघण्टु15 / 31
×

धन्वन्तरिनिघण्टु

READ eBOOK

धन्वन्तरि निघण्टु – परिचय एवं विवरण


1. सामान्य परिचय

नाम – धन्वन्तरि निघण्टु (Dhanvantari Nighantu)
प्रकार – आयुर्वेदिक औषध-निघण्टु (Materia Medica)
भाषा – संस्कृत
अर्थ –

  • धन्वन्तरि = आयुर्वेद के देवता एवं चिकित्सक-आचार्य
  • निघण्टु = औषध-द्रव्यों का संग्रह
  • धन्वन्तरि निघण्टु = धन्वन्तरि परंपरा से संबंधित औषधीय द्रव्यों का संकलन।

2. रचयिता एवं रचनाकाल

  • रचयिता – परंपरागत रूप से इसे भगवान धन्वन्तरि या उनके अनुयायियों द्वारा रचित माना जाता है।
  • काल – प्रारंभिक निघण्टु-साहित्य में से एक, सम्भवतः 10वीं–12वीं शताब्दी ईस्वी के बीच संकलित।
  • यह सर्वप्रथम व्यवस्थित आयुर्वेदिक निघण्टुओं में गिना जाता है।

3. उद्देश्य

  • औषधीय द्रव्यों के नाम, पर्याय, स्वरूप, गुणधर्म, रस, वीर्य, विपाक और विशेष प्रभाव को व्यवस्थित करना।
  • आयुर्वेदिक चिकित्सकों के लिए एक मानक संदर्भ ग्रंथ प्रदान करना।
  • द्रव्यगुण विज्ञान के अध्ययन के लिए आधारभूत सामग्री उपलब्ध कराना।

4. संरचना एवं विषयवस्तु

धन्वन्तरि निघण्टु को प्रायः 7 मुख्य वर्गों (गण) में विभाजित किया गया है –

  1. गन्धवर्ग – सुगंधित द्रव्य
  2. पुष्पवर्ग – पुष्प-आधारित औषधियाँ
  3. फलवर्ग – फलजन्य द्रव्य
  4. पत्रवर्ग – पत्तियों से प्राप्त औषधियाँ
  5. मूलवर्ग – भूमिगत भाग (कन्द, मूल)
  6. काण्डवर्ग – तना या डंठल-आधारित औषधियाँ
  7. विषवर्ग – विषैले एवं अर्धविषैले द्रव्य

प्रत्येक द्रव्य के अंतर्गत –

  • पर्याय (Synonyms)
  • लक्षण (Identification)
  • रस, गुण, वीर्य, विपाक
  • विशेष प्रभाव (Prabhāva)
  • चिकित्सकीय उपयोग

5. विशेषताएँ

  • प्राचीनता – निघण्टु-साहित्य की सबसे पुरानी और आधारभूत कड़ी।
  • सुगंध एवं वनस्पति-केन्द्रित दृष्टिकोण – विशेष रूप से गंधद्रव्य और पुष्पों का विस्तृत विवरण।
  • सरल भाषा – चिकित्सकों और विद्यार्थियों के लिए स्मरणीय शैली।
  • पर्यायों की समृद्ध सूची – क्षेत्रीय और शास्त्रीय नामों का समावेश।

6. शैक्षिक एवं चिकित्सकीय महत्व

क्षेत्र महत्व
आयुर्वेद शिक्षा द्रव्यगुण विज्ञान का प्रारंभिक और आधारभूत स्रोत
चिकित्सा रोगानुसार औषधि चयन के लिए व्यावहारिक संदर्भ
अनुसंधान प्राचीन औषध-विज्ञान और वनस्पति विज्ञान का अध्ययन
सांस्कृतिक इतिहास प्राचीन भारत की वनस्पति-परंपरा और औषध ज्ञान का संरक्षण

7. आधुनिक संदर्भ

धन्वन्तरि निघण्टु का अध्ययन आज भी द्रव्यगुण विज्ञान विषय के प्रथम चरण में कराया जाता है। आधुनिक संस्करणों में –

  • बॉटनिकल नाम
  • भौगोलिक वितरण
  • रासायनिक संरचना
  • आधुनिक क्लिनिकल स्टडीज़ जोड़ी जा सकती हैं, जिससे यह प्राचीन ज्ञान आधुनिक चिकित्सा से जुड़ सके।

READ eBOOK

Ask & Learn