कैयदेवनिघण्टु
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कैयदेवनिघण्टु – परिचय एवं विवरण
1. सामान्य परिचय
पूरा नाम – कैयदेवनिघण्टु (Kaideva Nighantu)
प्रकार – संस्कृत औषध-निघण्टु (Ayurvedic Materia Medica)
भाषा – संस्कृत
अर्थ –
निघण्टु = औषधीय द्रव्यों का संग्रह, जिसमें नाम, पर्याय, गुण, रस, वीर्य, विपाक आदि का वर्णन हो
कैयदेवनिघण्टु = आयुर्वेद के चिकित्सकीय प्रयोग हेतु औषध-द्रव्यों का विशेष संग्रह, जिसे आचार्य कैयदेव ने संकलित किया।
2. रचयिता एवं रचनाकाल
रचयिता – आचार्य कैयदेव
काल – लगभग 15वीं शताब्दी ईस्वी
यह निघण्टु मध्यकालीन आयुर्वेदिक निघण्टु-साहित्य का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
3. उद्देश्य
विभिन्न औषधीय द्रव्यों के नाम, उनके पर्याय, लक्षण, गुण और उपयोग को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करना।
चिकित्सकों को औषध-निर्णय और चयन में सहायता प्रदान करना।
द्रव्यगुण-विज्ञान के अध्ययन के लिए एक मानक ग्रंथ उपलब्ध कराना।
4. संरचना एवं विषयवस्तु
कैयदेवनिघण्टु में औषधियों का वर्गीकरण विषयवार किया गया है, जिन्हें वर्ग (गण) कहा जाता है। पारंपरिक स्वरूप में इसके प्रमुख वर्ग इस प्रकार हैं –
औषधि वर्ग – वनस्पति मूलक औषधियाँ
धातु वर्ग – खनिज, धातु, रत्न
जीव वर्ग – पशु-उत्पत्ति द्रव्य
फल-फूल वर्ग – पुष्प, फल, बीज
कन्द-मूल वर्ग – भूमिगत भाग से प्राप्त औषधियाँ
विष वर्ग – विषैले द्रव्य एवं उनके उपयोग
अन्य विविध वर्ग – अनाज, दालें, मसाले आदि
5. विशेषताएँ
पर्यायों की समृद्ध सूची – प्रत्येक द्रव्य के अनेक नाम, जिससे क्षेत्रीय विविधता को समझने में मदद मिलती है।
गुण-निर्देश – रस (स्वाद), गुण, वीर्य (शक्ति), विपाक (पाचनोपरांत प्रभाव), और विशेष प्रभाव।
रोगानुसार उपयोग – ज्वर, कुष्ठ, श्वास, अजीर्ण, विष, शोथ आदि के उपचार हेतु औषध-निर्देश।
संक्षिप्त और सुबोध शैली – चिकित्सकों और विद्यार्थियों के लिए सुविधाजनक।
6. शैक्षिक एवं चिकित्सकीय महत्व
| क्षेत्र | महत्व |
|---|---|
| आयुर्वेद शिक्षा | द्रव्यगुण विज्ञान के अध्ययन में मूल स्रोत |
| चिकित्सा | रोगानुसार औषध-चयन और योग-निर्माण में सहायक |
| अनुसंधान | औषधीय पौधों, खनिजों और पशु-उत्पत्ति द्रव्यों के ऐतिहासिक उपयोग का अध्ययन |
| संस्कृति | भारतीय औषध-परंपरा और क्षेत्रीय नामों का संरक्षण |
7. आधुनिक संदर्भ
आज भी कैयदेवनिघण्टु का उपयोग आयुर्वेदिक महाविद्यालयों में संदर्भ-ग्रंथ के रूप में किया जाता है। आधुनिक संस्करणों में –
बॉटनिकल नाम
भौगोलिक वितरण
फाइटोकेमिकल विश्लेषण
आधुनिक औषध-वैज्ञानिक अध्ययन
को जोड़ा जा सकता है, जिससे यह समकालीन शोध और प्रैक्टिस में अधिक उपयोगी हो।
